किन लक्षणों में यूरोलॉजिस्ट को दिखाएं
- पेशाब की धार कमज़ोर या धीमी, या रुक-रुक कर आना
- पेशाब शुरू होने में देर लगना, या ज़ोर लगाना पड़ना
- आखिर में बूंद-बूंद टपकना, या लगना कि मूत्राशय खाली नहीं हुआ
- बार-बार पेशाब जाना, या अचानक ऐसी इच्छा जिसे रोकना मुश्किल हो
- रात में दो या ज़्यादा बार पेशाब के लिए उठना
- पेशाब में खून, या बार-बार जलन
- खून की जांच में पीएसए (PSA) बढ़ा हुआ आना
पेशाब करने में दिक्कत क्यों होती है
प्रोस्टेट मूत्राशय के ठीक नीचे पेशाब की नली को घेरे रहता है। जब यह बढ़ता है, तो नली को दबा सकता है, जिससे मूत्राशय को ज़्यादा ज़ोर लगाना पड़ता है और वह पूरा खाली नहीं हो पाता। समय के साथ इससे संक्रमण, मूत्राशय में पथरी, या अचानक पेशाब रुक जाने की समस्या हो सकती है। हर दिक्कत प्रोस्टेट से नहीं होती: पेशाब की नली का सिकुड़ना (स्ट्रिक्चर), कमज़ोर मूत्राशय, कुछ दवाइयां और कब्ज़ भी ऐसे ही लक्षण दे सकते हैं।

क्लिनिक में क्या होता है
- डॉक्टर आपके लक्षणों के बारे में पूछते हैं, अक्सर एक छोटी प्रश्नावली से, ताकि पता चले कि तकलीफ़ कितनी है।
- वे आपकी दवाइयों, पानी पीने की आदत और डायबिटीज़ या बीपी जैसी बीमारियों के बारे में पूछते हैं।
- आपकी सहमति से वे पेट की जांच करते हैं और दस्ताने वाली उंगली से प्रोस्टेट की जांच करते हैं। इसमें एक मिनट से कम लगता है।
- वे बताते हैं कि क्या मिला और आपके साथ मिलकर आगे की योजना तय करते हैं।
डॉक्टर कौन सी जांच करा सकते हैं
- पेशाब की जांच
- गुर्दे, मूत्राशय और प्रोस्टेट का अल्ट्रासाउंड, जिसमें पेशाब के बाद बचा पेशाब भी नापा जाता है
- यूरोफ्लोमेट्री: एक खास टॉयलेट में पेशाब करना जो धार को नापता है
- गुर्दे की कार्यक्षमता और ब्लड शुगर की जांच
- पीएसए (PSA) खून की जांच, यह समझाने के बाद कि इसका नतीजा क्या बता सकता है और क्या नहीं
- बार-बार या रात में पेशाब हो तो 2 से 3 दिन की ब्लैडर डायरी
डॉक्टर बताएंगे कि इनमें से कौन-सी जांच आपके लिए ज़रूरी है और वह कहाँ होगी।
जांच के बाद इलाज के विकल्प

- आसान बदलाव: सोने से दो घंटे पहले कम पानी, शाम को चाय, कॉफ़ी और शराब कम करना, और कब्ज़ का इलाज।
- दवाइयां जो प्रोस्टेट को ढीला करके पेशाब का बहाव आसान करती हैं, जो धीरे-धीरे बड़े प्रोस्टेट को छोटा करती हैं, या दोनों साथ में। कुछ दवाइयां ओवरएक्टिव ब्लैडर को शांत करती हैं।
- ऑपरेशन, अगर दवा से पर्याप्त फ़ायदा न हो या कोई परेशानी हो। इसमें टीयूआरपी (TURP) और लेज़र प्रोस्टेट सर्जरी शामिल हैं, दोनों पेशाब के रास्ते से प्रिसिजन यूरोलॉजी हॉस्पिटल, लखनऊ में होती हैं। डॉक्टर बताएंगे कि आपके लिए कौन सा सही है और क्यों। लखनऊ में प्रोस्टेट बढ़ने के इलाज के बारे में उनकी वेबसाइट पर और पढ़ें।
- कैथेटर: अगर पेशाब बिल्कुल नहीं हो रहा, तो कैथेटर से तुरंत मूत्राशय खाली किया जाता है और फिर कारण का इलाज होता है।
अगर जांच या पीएसए से प्रोस्टेट को लेकर कोई चिंता हो, तो डॉक्टर आगे के कदम साफ़-साफ़ समझाएंगे।
कब तुरंत इमरजेंसी जाएं
- पेशाब बिल्कुल नहीं हो रहा और नीचे पेट में दर्द या सूजन है
- पेशाब की तकलीफ़ के साथ बुखार, ठंड लगना या कंपकंपी
- पेशाब में बहुत ज़्यादा खून या थक्के, या थक्कों से पेशाब रुक रहा हो
ऐसी हालत में ओपीडी का इंतज़ार न करें।
English: Prostate problems treatment in Gomti Nagar Extension.





