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महिलाएं किन समस्याओं के लिए यूरोलॉजिस्ट को दिखाती हैं

  • पेशाब का संक्रमण, खासकर ऐसा संक्रमण जो साल में दो-तीन बार लौट आए
  • खांसने, छींकने, हंसने, वज़न उठाने या व्यायाम करने पर पेशाब का रिसना
  • पेशाब की अचानक तेज़ हाजत, बहुत बार जाना, या शौचालय तक समय पर न पहुंच पाना (ओवरएक्टिव ब्लैडर)
  • गुर्दे और मूत्रवाहिनी की पथरी, गर्भावस्था में मिली पथरी भी
  • पेशाब में खून, चाहे एक बार ही आया हो, और चाहे दर्द न हो
  • मूत्राशय के ऊपर दर्द या दबाव जो एंटीबायोटिक से ठीक न हो
  • पेशाब की धार कमज़ोर होना, ज़ोर लगाना, या लगना कि मूत्राशय खाली नहीं हुआ
  • रात में पेशाब के लिए कई बार उठना
  • मुश्किल डिलीवरी या ऑपरेशन के बाद हर समय पेशाब रिसना, जो फ़िस्टुला का संकेत हो सकता है

बार-बार लौटने वाला पेशाब का संक्रमण

बहुत सी महिलाओं को कभी न कभी पेशाब का संक्रमण होता है। जब संक्रमण बार-बार लौटे, तो एक के बाद एक एंटीबायोटिक कोर्स लेने के बजाय इसका कारण पता करना ज़रूरी है। आम कारणों में मूत्राशय पूरा खाली न होना, कब्ज़, मेनोपॉज़ के बाद एस्ट्रोजन की कमी, डायबिटीज़, पथरी, और संबंध से जुड़े संक्रमण शामिल हैं।

डॉक्टर आपकी यूरिन कल्चर रिपोर्ट देखते हैं कि कौन सा कीटाणु संक्रमण कर रहा है और कौन सी एंटीबायोटिक उस पर असर करती है। अल्ट्रासाउंड से पता चलता है कि कोई पथरी है या मूत्राशय में पेशाब बच रहा है। जो मिले उसके हिसाब से योजना में आसान आदतें, कब्ज़ का इलाज, मेनोपॉज़ के बाद योनि में लगाने वाला एस्ट्रोजन, या कुछ महीनों के लिए कम मात्रा का बचाव वाला कोर्स शामिल हो सकता है।

ऐसी आदतें जिनसे बहुत सी महिलाओं को मदद मिलती है:

  • दिन भर में इतना पानी पिएं कि पेशाब हल्के रंग का रहे
  • हाजत होने पर पेशाब करें, घंटों रोककर न रखें
  • संबंध के तुरंत बाद पेशाब करें
  • आगे से पीछे की ओर साफ़ करें, और खुशबू वाले वॉश और डूश से बचें
मूत्र तंत्र का चित्र: दोनों गुर्दे, मूत्रवाहिनियां और मूत्राशय
गुर्दे पेशाब बनाते हैं, मूत्रवाहिनियां उसे नीचे ले जाती हैं और मूत्राशय उसे जमा करता है। महिलाओं में मूत्राशय से बाहर जाने वाली नली (यूरेथ्रा) छोटी होती है, यह एक कारण है कि उनमें पेशाब का संक्रमण ज़्यादा आम है।

पेशाब का रिसना और ओवरएक्टिव ब्लैडर

रिसाव मुख्य रूप से दो तरह का होता है, और दोनों का इलाज अलग है, इसलिए डॉक्टर पहले पता करते हैं कि आपको कौन सा है, या दोनों हैं।

  • स्ट्रेस रिसाव खांसने, छींकने, वज़न उठाने या व्यायाम करने पर होता है। यह आम तौर पर पेड़ू की कमज़ोर मांसपेशियों और सहारा देने वाले ऊतकों से होता है, अक्सर डिलीवरी के बाद।
  • अर्ज रिसाव अचानक तेज़ हाजत के साथ होता है, जब आप शौचालय तक पहुंचने तक रोक नहीं पातीं। यह ओवरएक्टिव ब्लैडर का हिस्सा है।

रोज़ सही तरीके से किए गए पेल्विक फ़्लोर व्यायाम से स्ट्रेस रिसाव वाली बहुत सी महिलाओं को मदद मिलती है। मूत्राशय की ट्रेनिंग, जिसमें शौचालय जाने के बीच का समय धीरे-धीरे बढ़ाया जाता है, ओवरएक्टिव ब्लैडर में मदद करती है, और दवाइयां मूत्राशय को और शांत कर सकती हैं। अगर इनसे काफ़ी फ़ायदा न हो, तो डॉक्टर अस्पताल में होने वाली प्रक्रियाएं समझाते हैं। ज़्यादा जानकारी हमारे पेशाब का रिसना पेज पर पढ़ें।

गर्भावस्था, डिलीवरी के बाद और मेनोपॉज़ के बाद

गर्भावस्था में पेशाब के संक्रमण का जल्दी इलाज ज़रूरी है, चाहे लक्षण कम हों, और पथरी के दर्द की ध्यान से जांच ज़रूरी है। डॉक्टर आपकी स्त्री रोग विशेषज्ञ के साथ मिलकर काम करते हैं और ऐसी जांच और दवाइयां चुनते हैं जो गर्भावस्था में सुरक्षित हों।

डिलीवरी के बाद पहले कुछ हफ़्तों में थोड़ा रिसाव आम है। अगर यह कुछ महीनों से ज़्यादा चले, या हर समय पेशाब रिसे, तो इंतज़ार करने के बजाय डॉक्टर को दिखाएं।

मेनोपॉज़ के बाद पेशाब की नली के आसपास के ऊतक पतले हो जाते हैं, जिससे तेज़ हाजत, जलन और बार-बार संक्रमण हो सकता है। कारण साफ़ होने पर इलाज से ये लक्षण अक्सर सुधर जाते हैं।

आपकी विज़िट पर क्या होता है

  1. आप अपने लक्षण निजी तौर पर हिंदी, अंग्रेज़ी, भोजपुरी या गुजराती में बताती हैं। चाहें तो परिवार के किसी सदस्य को साथ ला सकती हैं।
  2. डॉक्टर आपके मासिक धर्म, गर्भावस्था, डिलीवरी, पहले हुए ऑपरेशन और दवाइयों के बारे में पूछते हैं, क्योंकि इनमें से हर एक का मूत्राशय पर असर हो सकता है।
  3. वे आपकी लाई हुई पेशाब की रिपोर्ट और स्कैन देखते हैं। जांच तभी होती है जब उससे मदद मिले, और सिर्फ़ आपकी सहमति से।
  4. वे समझाते हैं कि उनके हिसाब से समस्या का कारण क्या है, वे कौन सी जांच सुझाते हैं, और इलाज के क्या विकल्प हैं।

आप परिवार के किसी सदस्य या सहेली को साथ ला सकती हैं। अगर आप चाहती हैं कि किसी भी जांच के दौरान कोई महिला मौजूद रहे, तो कृपया समय लेते वक्त बता दें।

डॉक्टर कौन सी जांच करा सकते हैं

  • पेशाब की रूटीन जांच और यूरिन कल्चर, बेहतर है कि एंटीबायोटिक शुरू करने से पहले
  • गुर्दे और मूत्राशय का अल्ट्रासाउंड, जिसमें यह भी देखा जाता है कि पेशाब के बाद कितना पेशाब बचता है
  • मूत्राशय डायरी, जिसमें आप तीन दिन तक लिखती हैं कि क्या पिया और कब पेशाब किया
  • यूरोफ़्लोमेट्री, एक आसान जांच जिसमें आप एक मशीन में पेशाब करती हैं जो धार मापती है
  • ब्लड शुगर और गुर्दे की कार्यक्षमता की जांच
  • कुछ महिलाओं में यूरोडायनामिक जांच, या पतले कैमरे से मूत्राशय के अंदर देखना (सिस्टोस्कोपी), जो अस्पताल में होता है

डॉक्टर बताएंगे कि इनमें से कौन-सी जांच आपके लिए ज़रूरी है और वह कहाँ होगी।

जांच के बाद इलाज के विकल्प

  • जीवनशैली और मूत्राशय की आदतें, जैसे पानी पीने का समय, चाय और कॉफ़ी कम करना, और कब्ज़ का इलाज
  • पेल्विक फ़्लोर व्यायाम और मूत्राशय की ट्रेनिंग, कदम-दर-कदम समझाकर
  • दवाइयां संक्रमण के लिए, ओवरएक्टिव ब्लैडर के लिए, या छोटी पथरी निकालने में मदद के लिए
  • बचाव का इलाज बार-बार के संक्रमण के लिए, आपकी कल्चर रिपोर्ट के हिसाब से चुना गया
  • अस्पताल में प्रक्रियाएं जब ज़रूरी हों, जैसे पथरी निकालना, स्ट्रेस रिसाव का इलाज, या फ़िस्टुला की मरम्मत

कब इंतज़ार न करें

अगर पेशाब के लक्षणों के साथ कंपकंपी के साथ बुखार, पीठ या बगल में दर्द, या उल्टी हो, तो नज़दीकी इमरजेंसी में जाएं। यह गुर्दे का संक्रमण हो सकता है। यही बात तब भी लागू है जब आप बिल्कुल पेशाब न कर पा रही हों, पेशाब में बहुत ज़्यादा खून या थक्के आएं, या आप गर्भवती हों और बुखार के साथ पेशाब के लक्षण हों।

इनके बारे में भी पढ़ें: पेशाब का संक्रमण (UTI), पेशाब का रिसना और गुर्दे की पथरी।

मरीज़ अक्सर पूछते हैं

पेशाब की समस्या के लिए यूरोलॉजिस्ट को दिखाऊं या स्त्री रोग विशेषज्ञ को?
दोनों में से कोई भी अच्छी शुरुआत हो सकती है। यूरोलॉजिस्ट गुर्दे, मूत्राशय और पेशाब की नली देखते हैं, इसलिए बार-बार पेशाब का संक्रमण, पथरी, पेशाब में खून, पेशाब का रिसना और मूत्राशय खाली न होना, सब उनके काम का हिस्सा है। अगर आपके लक्षणों के लिए स्त्री रोग विशेषज्ञ की भी ज़रूरत हो, तो डॉक्टर आपको बताएंगे और अपनी जांच की जानकारी साझा कर सकते हैं।
क्या डिलीवरी या मेनोपॉज़ के बाद पेशाब का रिसना ऐसे ही सहना पड़ता है?
नहीं। यह आम है, लेकिन इसे सहते रहना ज़रूरी नहीं। पेल्विक फ़्लोर के व्यायाम, मूत्राशय की ट्रेनिंग, दवाइयां और कुछ महिलाओं में अस्पताल में होने वाली प्रक्रिया, सबसे मदद मिल सकती है। पहला कदम यह पता करना है कि रिसाव किस तरह का है।
क्या रिसाव कम करने के लिए पानी कम पीना चाहिए?
आम तौर पर नहीं। बहुत कम पानी पीने से पेशाब गाढ़ा हो जाता है, जिससे मूत्राशय में जलन हो सकती है और संक्रमण और पथरी की संभावना बढ़ती है। डॉक्टर इसके बजाय दिन भर में थोड़ा-थोड़ा पानी पीने और चाय, कॉफ़ी और कोल्ड ड्रिंक कम करने की सलाह दे सकते हैं।
क्या अंदरूनी जांच करानी होगी?
हमेशा नहीं। बहुत सी समस्याएं आपकी बातचीत, पेशाब की जांच और अल्ट्रासाउंड से समझी जा सकती हैं। अगर जांच से मदद मिलेगी, तो डॉक्टर पहले बताते हैं कि क्यों और उसमें क्या होगा, और यह सिर्फ़ आपकी सहमति से होती है। आप परिवार के किसी सदस्य को साथ ला सकती हैं।

और बीमारियां जिनका इलाज होता है

सुबह की ओपीडी में दिखाएं

सोमवार से शनिवार, सुबह 9:30 से 11:30 बजे. रविवार बंद. गोमती नगर एक्सटेंशन, सदर तहसील के पास।

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